अक्सर हमारे घर में कुछ ऐसी चीज़ें होती हैं, जिनकी असली ताकत हमें पता ही नहीं होती।
फिटकरी (Alum Stone) भी उन्हीं में से एक है। चलिए जानते है फिटकिरी के फायदे और उपयोग कैसे (Alum Stone Benefits in Hindi )
कभी पानी साफ़ करने के लिए,
कभी कटने-छिलने पर,
तो कभी दाढ़ी के बाद,
लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिटकरी सिर्फ इतना ही नहीं करती?
आयुर्वेद में फिटकरी को एक बहुउपयोगी प्राकृतिक मिनरल माना गया है, जिसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए तो यह:
- त्वचा की कई समस्याओं में मदद करती है
- मुंह और दांतों को स्वस्थ रखती है
- बदबू और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक होती है
- और कई घरेलू समस्याओं का आसान समाधान बन सकती है
आज के समय में जब लोग केमिकल प्रोडक्ट्स से परेशान हैं,
फिटकरी एक सस्ता, आसान और पारंपरिक उपाय बनकर फिर से चर्चा में आ रही है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे:
- फिटकरी क्या है
- फिटकरी के 5 सबसे बड़े फायदे (पूरी डिटेल में Alum Stone Benefits in Hindi)
- फिटकरी कैसे और कब इस्तेमाल करें
- किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है
- और आखिर में FAQs

Brijbooti Pure Alum Powder for Face | Organic Fitkari for Face Glow, Skin Tightening, Teeth & Mouthwash, Pore Cleansing, Bath, Hair & Skin | Natural Alum stone Phitkari Powder
फिटकरी क्या है? (What is Alum Stone)
फिटकरी एक प्राकृतिक मिनरल है, जिसे आम भाषा में Alum Stone कहा जाता है।
यह दिखने में सफेद या हल्की पारदर्शी होती है और स्वाद में कसैली (astringent) होती है।
आयुर्वेद के अनुसार फिटकरी में ये गुण पाए जाते हैं:
- कसैला
- शीतल
- जीवाणुनाशक
- रक्त को रोकने वाला
इसी वजह से फिटकरी का उपयोग बाहरी और सीमित आंतरिक कार्यों में किया जाता रहा है।
फिटकरी के नाम विभिन्न भाषाओं में
(Names of Alum Stone in Different Languages)
फिटकरी एक ऐसी प्राकृतिक मिनरल है, जिसका उपयोग भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में अलग-अलग नामों से किया जाता है। नीचे फिटकरी के नाम विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं में दिए गए हैं, ताकि पहचानने में कोई कन्फ्यूजन न हो।
भारत की भाषाओं में फिटकरी के नाम
| भाषा | फिटकरी का नाम |
|---|---|
| हिंदी | फिटकरी |
| संस्कृत | स्फटिक, सौराष्ट्रिका |
| उर्दू | پھٹکری (Phatkari) |
| मराठी | तुरटी |
| गुजराती | ફટકડી (Phatakdi) |
| पंजाबी | ਫਟਕੜੀ (Phatakri) |
| बंगाली | ফিটকিরি (Fitkiri) |
| ओड़िया | ଫିଟକିରି (Fitkiri) |
| असमिया | ফিটকিৰি (Fitkiri) |
| तेलुगु | ఫటిక (Phatika) |
| तमिल | படிகாரம் (Padikaram) |
| कन्नड़ | ಫಟಿಕ (Phatika) |
| मलयालम | ഫടികാരം (Phatikaram) |
फिटकरी के 5 मुख्य फायदे (Alum Stone Benefits in Hindi)
अब बात करते हैं फिटकरी के सिर्फ 5 फायदे, लेकिन हर एक को विस्तार से समझते हैं।
1. फिटकरी त्वचा की समस्याओं में बहुत असरदार है
फिटकरी का सबसे ज़्यादा उपयोग स्किन के लिए किया जाता है।
आज की लाइफस्टाइल में स्किन से जुड़ी समस्याएँ बहुत आम हो गई हैं, जैसे:
- पिंपल
- रैशेज़
- खुजली
- छोटे कट या छिलना
फिटकरी त्वचा पर कैसे काम करती है?
फिटकरी में मौजूद कसैले गुण:
- त्वचा के पोर्स को टाइट करते हैं
- बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं
- सूजन और जलन को कम करते हैं
अगर चेहरे पर बार-बार पिंपल निकलते हैं, तो फिटकरी का पानी
स्किन को साफ़ और संतुलित रखने में मदद करता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
- एक कटोरी पानी में थोड़ी सी फिटकरी घोल लें
- उसी पानी से दिन में एक बार चेहरा धो लें
- या कॉटन से हल्का-सा लगाएँ
ध्यान रखें –
सीधे पत्थर को चेहरे पर ज़ोर से रगड़ना सही नहीं है।
2. दाढ़ी के बाद कट, जलन और खून रोकने में फिटकरी
पुराने ज़माने से नाई (Barber) दाढ़ी के बाद फिटकरी लगाते आए हैं।
इसके पीछे ठोस वजह है।
दाढ़ी के बाद फिटकरी क्यों लगाई जाती है?
- कटने पर खून तुरंत रोकती है
- स्किन को शांत करती है
- बैक्टीरिया को मारती है
- जलन और रेडनेस कम करती है
फिटकरी स्किन पर एक पतली परत बना देती है, जिससे
कट जल्दी भरने लगता है।
घर पर कैसे लगाएँ?
- दाढ़ी के बाद चेहरा धो लें
- हल्की-सी गीली फिटकरी को कट वाली जगह पर लगाएँ
- कुछ सेकंड में खून बंद हो जाता है
इसी वजह से आज भी कई लोग आफ्टरशेव की जगह फिटकरी इस्तेमाल करते हैं।
3. मुंह, दांत और बदबू के लिए फिटकरी के फायदे
मुंह की बदबू और मसूड़ों की समस्या बहुत आम है।
अक्सर लोग माउथवॉश या केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं।
लेकिन फिटकरी एक नेचुरल माउथ क्लीनर की तरह काम करती है।
फिटकरी मुंह के लिए कैसे फायदेमंद है?
- बैक्टीरिया को खत्म करती है
- मसूड़ों की सूजन कम करती है
- मुंह की बदबू दूर करती है
- हल्की ब्लीडिंग में मदद करती है
इस्तेमाल का तरीका
- एक गिलास गुनगुने पानी में चुटकी भर फिटकरी मिलाएँ
- उसी पानी से कुल्ला करें
- दिन में 1 बार काफी है
ध्यान रखें –
फिटकरी का पानी निगलना नहीं है, सिर्फ कुल्ला करना है।
4. पसीने की बदबू और बॉडी ओडर में फिटकरी
आज के समय में पसीने की बदबू एक बड़ी समस्या बन गई है, खासकर:
- बगल
- पैर
- ज्यादा पसीना आने वाले हिस्से
फिटकरी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण
पसीने की बदबू पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म करते हैं।
फिटकरी बॉडी ओडर में कैसे मदद करती है?
असल में पसीना खुद नहीं बदबू करता,
बदबू बैक्टीरिया से आती है।
फिटकरी:
- बैक्टीरिया को पनपने नहीं देती
- त्वचा को सूखा रखती है
इस्तेमाल का तरीका
- नहाने के बाद
- फिटकरी को पानी में घोलकर
- बगल या पैरों पर हल्का-सा लगाएँ
यह एक नेचुरल डियोड्रेंट की तरह काम करता है।
5. छोटे कट, छिलने और इंफेक्शन में फिटकरी
घर में अक्सर छोटे-मोटे कट या छिलने हो जाते हैं।
हर बार एंटीसेप्टिक ढूँढना ज़रूरी नहीं।
फिटकरी एक नेचुरल एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है।
फिटकरी घाव में कैसे काम करती है?
- खून को जल्दी रोकती है
- घाव को सूखा रखती है
- इंफेक्शन से बचाती है
कैसे लगाएँ?
- घाव को साफ़ पानी से धो लें
- फिटकरी का बहुत हल्का घोल लगाएँ
- दिन में 1 बार पर्याप्त है
गहरे घाव में फिटकरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
फिटकरी के अन्य घरेलू उपयोग
- पानी को साफ़ करने में
- शेविंग कट्स में
- पैरों की दुर्गंध में
- छोटे फोड़े-फुंसी में
फिटकरी इस्तेमाल करते समय सावधानियाँ
- बहुत ज़्यादा मात्रा में इस्तेमाल न करें
- खुले या गहरे घाव में न लगाएँ
- आंखों के पास इस्तेमाल से बचें
- बच्चों पर लगाने से पहले सावधानी रखें
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या फिटकरी रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन सीमित मात्रा और बाहरी उपयोग में।
Q2. क्या फिटकरी स्किन को नुकसान पहुँचा सकती है?
गलत या ज़्यादा इस्तेमाल से ड्रायनेस हो सकती है।
Q3. क्या फिटकरी अंदर से लेना सुरक्षित है?
बिना विशेषज्ञ सलाह के अंदर से लेने से बचें।
अंतिम सलाह (Important Note)
यह जानकारी सामान्य घरेलू और आयुर्वेदिक अनुभवों पर आधारित है।
फिटकरी का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें, खासकर अगर आप इसे नियमित या किसी विशेष समस्या के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।

Brijbooti Pure Alum Powder for Face | Organic Fitkari for Face Glow, Skin Tightening, Teeth & Mouthwash, Pore Cleansing, Bath, Hair & Skin | Natural Alum stone Phitkari Powder

