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Akarkara Benefits | अकरकरा के फायदे व नुकसान | अकरकरा का उपयोग कैसे करें

Akarkara Benefits | अकरकरा के फायदे व नुकसान | अकरकरा का उपयोग कैसे करें

Akarkara

( Akarkara Benefits) अकरकरा का नाम बहुत कम लोगों को पता होगा। आप ये जानकर आश्चर्य में पड़ जायेंगे कि अकरकरा के औषधीय और आयुर्वेदिक गुण अनगिनत हैं। आयुर्वेद में अकरकरा औरपाउडर का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है।

आयुर्वेद में, अकरकरा पौधा चिकित्सा के लिए एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में प्रयोग होता है, जिसमें उत्तेजक गुण प्रमाणित होता है। इसे कामोत्तेजक औषधियों का मुख्य तत्व माना जाता है। यह अन्य समर्थ औषधियों के साथ मिलाकर उपयोग करने से वीर्यवर्धक और सेक्स की इच्छा बढ़ाने में सहायक होता है। इसका उपयोग शीत प्रकृति वाले व्यक्तियों के लिए विशेष लाभकारी होता है।

अकरकरा यौन समस्याओं में सहायक हो सकता है, क्योंकि इसमें उत्तेजक गुण होते हैं यह यौन इच्छा को बढ़ाने में मदद कर सकता है और कुछ लोगों को शीघ्रपतन और नपुंसकता की समस्याओं का सामना करने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि, इससे पहले किसी भी औषधि का उपयोग करने से पहले एक चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।


अकरकरा पौधे की पहचान कैसे करें | अकरकरा का पौधा क्या होता है?

How to identify Akarkara plant | What is Akarkara Plant in Hindi?

पौधे की पहचान– वर्षा के प्रारम्भ होते ही इसके पौधे जन्म लेते हैं। इसकी डाली रोयेंदार होती है। पौधे एक फीट के लगभग की होते हैं। इस पौधे की छाल मोटी और भूरी होती है। जड़ दो से चार इंच लम्बी एवं पौन इंच मोटी होती है। यह औषधि सात वर्ष तक अपना गुण बनाये रखती है।

उत्पत्ति का स्थान – यह दिव्य औषधि भारत के कुछ हिस्सों एवं अफ्रीका के वनों में पायी जाती है।



अन्य भाषाओं में अकरकरा के नाम | Name of Akarkara in Different Languages

( Akarkara Benefits )

Sanskrit – आकारकरभ, आकल्लक;
Hindi – अकरकरा;
Urdu – अकरकरहा (Aaqarqarha);
Kannada – अक्कलकारी (Akkalkari);
Gujrati – अकोरकरो (Akorkaro);
Tamil – अक्किराकरम (Akkirakaram), अकरकरम (Akarkaram);
Telegu – अकरकरमु (Akarakaramu);
Bengali – आकरकरा (Akarkara);
Nepali – अकराकरा (Akarakara);
Malayalam – अक्कलकारा (Akkalkara), अक्कीकारुका (Akkikkaruka);
English – स्पैनिश पेल्लीटोरी (Spanish pellitory);
Arbi – अकरकरहा (Aqarqarha), आकरकरहा (Aqarqarha), अदुल-कराह (Audul-qarha);
Persian – बेहमपाबरी (Behampabri);


अकरकरा के फायदे | Akarkara Benefits in Hindi


9 Akarkara Benefits

अकरकरा को सिर दर्द, दांत दर्द, मुँह के बदबू, दांत संबंधी समस्या, हिचकी जैसे बीमारियों के लिए जादू जैसा काम करता है।


1. सेक्स समस्याओं के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for sex problems

यौन समस्याओं का सामना करना शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, और इसमें उपचार के लिए आयुर्वेद में अनेक प्रकार की जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जा रहा है। इसका एक प्रमुख उदाहरण है अकरकरा, जिसे यौन समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव दिया जाता है।

अकरकरा एक जड़ी-बूटी है जिसमें उत्तेजक गुण पाए जाते हैं, जो यौन स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। इसका सीधा प्रभाव स्पर्म काउंट में वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है, जिससे विकसित होने वाले शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है और यौन प्रदर्शन में सुधार होता है। यह एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है जो वीर्य की गुणवत्ता को बढ़ा सकता है और जो शुक्राणुओं की मात्रा को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

इसके अलावा, अकरकरा का सेवन टेस्टोस्टेरोन स्तरों को बढ़ा सकता है, जो पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों की यौन क्षमता, इरेक्शन, और यौन उत्साह में सहायक होता है और इसे बढ़ावा देने में अकरकरा का योगदान कर सकता है।

इसके साथ ही, अकरकरा तनाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है। यह मानसिक तनाव और यौन रोगों के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में देखा जाता है, जो यौन समस्याओं के लिए एक पूरक दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है।


2. खांसी और जुखाम सर्दी के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for cough and cold

cough and cold

बदलते मौसम के साथ आनेवाली खांसी और जुखाम सर्दी के मौसम में आम समस्याएं हैं, जिनसे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। यह रोग अक्सर इतना परेशानीजनक हो जाता है कि ठीक होने में समय लगता है। इस समस्या का एक प्रभावी समाधान है अकरकरा के चूर्ण में सोंठ और शहद को मिलाकर सेवन करना।


3. बुखार के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for fever

आज के समय में, बदलते मौसम और तेज जीवनशैली के चलते बुखार होना आम हो गया है। यह आमतौर पर सर्दी जुखाम और फ्लू के साथ आता है, लेकिन कभी-कभी इसके पीछे के कारण अवस्था या अन्य बीमारियाँ भी हो सकती हैं। बुखार का होना शरीर की सुरक्षा प्रणाली का प्रतिक्रियात्मक हिस्सा है जो इंफेक्शन और बीमारियों के खिलाफ लड़ती है।

बदलते मौसम के साथ बुखार की समस्या बढ़ जाती है, जिससे लोगों को निराशा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समय में, अकरकरा का सेवन एक प्राकृतिक उपाय के रूप में प्रमुख बनता है। अकरकरा में मौजूद एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणधर्म बुखार के खिलाफ समर्थन प्रदान कर सकते हैं।

आयुर्वेद में भी अकरकरा को उच्च मान्यता दी गई है, क्योंकि इसमें रोगनाशक गुण होते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक हो सकते हैं।


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4. दांतों के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for teeth

दांतों की समस्याएं एक आम स्वास्थ्य मुद्दा हैं, और इन्हें ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान ने सदियों से जड़ी-बूटियों का सहारा लिया है। दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में, अकरकरा एक प्रमुख औषधि के रूप में प्रमिलित होता है।

अकरकरा में मौजूद सियालगॉग नमक दांतों की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह नमक दांतों के कीड़ों और बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ता है और दांतों की सफाई को बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, अकरकरा दांतों के दर्द और सूजन को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

कई हर्बल टूथपेस्ट भी अकरकरा चूर्ण का इस्तेमाल करते हैं, जो बाजार में उपलब्ध हैं या घर पर बनाए जा सकते हैं। ये टूथपेस्ट दांतों को स्वच्छ रखते हैं और उन्हें मजबूती प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं।

अकरकरा का वैज्ञानिक नाम anacyclus pyrethrum है और यह एक प्राकृतिक उपाय है जो दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्रयुक्त होता है। यह उपाय दांतों के कीड़ों को मारने में मदद कर सकता है, साथ ही दांतों की मसूड़ों की सुरक्षा में भी सहायक है।

इसे सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि दांतों का स्वास्थ्य बना रहे और इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करने से बुनियादी दांतों की समस्याओं को दूर किया जा सकता है।


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5. गठिया के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for Arthritis

आजकल की गलत लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के कारण, गठिया एक सामान्य और चिंता का कारण बन गई है। यह एक वातरोग है जिसमें जोड़ों के आसपास सूजन और दर्द होता है। गठिया का सबसे सामान्य प्रकार, रीमेटॉयड आर्थराइटिस, अन्य बड़ी जोड़ों को प्रभावित करता है।

अकरकरा, जिसे साधारित भाषा में ‘ब्लैक पेपर’ कहा जाता है, गठिया के इलाज में सामंजस्यपूर्ण तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें विशेष गुणकारी तत्व होते हैं जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।


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6. मुँह की बदबू के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for bad breath

bad breath

मुँह की बदबू एक आम समस्या है जो व्यक्ति की खुदसे ही उबाल में ला सकती है। इस समस्या का सीधा प्रभाव हमारे आत्मविश्वास पर पड़ता है और इसे दूर करने के लिए अकरकरा एक प्राकृतिक उपाय हो सकता है।


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7. कंठ स्वर के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for throat tone

अकरकरा एक औषधीय पौधा है जिसका उपयोग विभिन्न रोगों और समस्याओं के इलाज में किया जाता है, और यह आमतौर पर कंठ स्वर को मधुर बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।

आधुनिक जीवनशैली में, जहां बच्चे अक्सर विभिन्न संगीत और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए तैयार किए जा रहे हैं, कंठ स्वर का महत्व बढ़ रहा है। अकरकरा का उपयोग इस संदर्भ में एक संभावना है जो बच्चों को मधुर और सुरीला गायन करने में मदद कर सकती है।


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8. पेट दर्द के लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for stomach ache

मसालेदार और असमय खाना खाने से होने वाली पेट में गैस की समस्या से बहुत से लोग परेशान रहते हैं। इसमें पेट दर्द, अफरा-तफरी, और तेजाबियों का उत्पन्न होना शामिल हो सकता है। इस समस्या का सही समाधान पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों में मिल सकता है, जिसमें अकरकरा एक महत्वपूर्ण घटक है।

अकरकरा पेट संबंधी समस्याओं में उपयुक्त औषधि मानी जाती है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लैमेटरी गुणधर्म पेट के दर्द और गैस को कम करने में सहायक हो सकते हैं।


9. अर्थराइटिसके लिए अकरकरा के फायदे | Benefits of Akarkara for Arthritis

अर्थराइटिस, जो जोड़ों की सूजन और दर्द के कारण होने वाली एक चिकित्सायित बीमारी है, आजकल बहुत से लोगों को दिक्कत में डाल देती है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवा और मध्यवर्गीय वर्ग में भी देखी जा रही है। बैठकर एक स्थान पर लम्बे समय तक काम करने, लाइफस्टाइल की बदलती शैली, और शारीरिक नियमितता की कमी के कारण यह समस्या बढ़ रही है। अकरकरा इसमें आराम प्रदान करने में मदद कर सकता है।


अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए ? | How to Use Akarkara in Hindi?

खांसी और जुखाम में अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How to use Akarkara in cough and cold?

अकरकरा, जिसे अंग्रेजी में “black pepper” कहा जाता है, एक गुणकारी मसाला है जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह खांसी, जुखाम, और सर्दी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। सोंठ, जो दारचीनी के रूप में भी जाना जाता है, भी खांसी को ठीक करने में मदद कर सकता है।

इस घरेलू नुस्खे को तैयार करने के लिए, एक छोटी चम्मच अकरकरा के चूर्ण में आधे छोटे छम्मच सोंठ और दो बड़े छम्मच शहद को मिलाएं। इस मिश्रण को रोजाना खाएं। अकरकरा की गरमी और सोंठ की कुछ खासियतें खांसी को शांत करने में मदद करती हैं, जबकि शहद की मधुरता इसे स्वादिष्ट बनाती है।

इस तरह, अकरकरा, सोंठ, और शहद का यह सरल नुस्खा आपको सर्दी जुखाम और खांसी से निजात दिलाने में मदद कर सकता है, बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के।


गठिया में अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How to use Akarkara in arthritis?

गठिया के दर्द से राहत प्राप्त करने के लिए, आप अकरकरा के चूर्ण का एक लेप बना सकते हैं। इसे जोड़ों पर लगाने से दर्द में कमी हो सकती है और सूजन भी कम हो सकती है। आप अकरकरा के चूर्ण को नीचे दिए गए तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं:

  1. एक छोटी चम्मच अकरकरा के चूर्ण को लें।
  2. इसे थोड़े से पानी के साथ मिलाकर गाड़ा पेस्ट बनाएं।
  3. इस पेस्ट को गठिया प्रभावित जोड़ों पर लगाएं।
  4. इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर धुले नमक के पानी से साफ़ करें।

अकरकरा में मौजूद एंटी-इंफ्लैमेटरी गुणधर्म जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं और गठिया के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, आपको हमेशा एक चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए पहले कि कृपया सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करें और गठिया के इलाज की दिशा में सुनिश्चित करें।


मुँह की बदबू में अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How to use Akarkara for bad breath?

अकरकरा के साथ मिलाए जाने वाले तत्वों का मिश्रण एक प्रभावी मंजन के रूप में कार्य करता है। माजुफल, नागरमोथा, भुनी हुई फिटकरी, काली मिर्च, और सेंधानमक का संयोजन एक सुपरब मुह क्लीन्सर के रूप में कार्य करता है और बदबू को दूर करने में मदद कर सकता है।

इस मिश्रण को बनाने के लिए, उपयुक्त मात्रा में अकरकरा, माजुफल, नागरमोथा, भुनी हुई फिटकरी, काली मिर्च, और सेंधानमक को एक साथ बारीकी से पीस लें। इस पाउडर को रोजाना मंजन की तरह इस्तेमाल करने से दांतों और मसूड़ों की सभी समस्याएं कम हो सकती हैं।

दांतों पर इसे मलने से दांतों का स्वस्थ रहता है और मुँह की बदबू को भी दूर करता है। यह मिश्रण बैक्टीरिया और जीवाणुओं के खिलाफ लड़ता है, जिससे मुँह में ताजगी बनी रहती है।


कंठ स्वर के लिए अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How to use Akarkara for throat tone?

अकरकरा-चूर्ण का सेवन बच्चों के कंठ स्वर को सुरीला बना सकता है। इसकी सुरक्षित मात्रा विभिन्न आयु समृद्धि के बच्चों के लिए अलग-अलग हो सकती है, किंतु सामान्यत: 250 मिग्राम से लेकर 500 मिग्राम तक का सेवन किया जा सकता है। इसे बच्चों को बिना किसी समस्या के खिलाकर ली जा सकती है, लेकिन बेहतर है कि इसका सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही किया जाए।

अकरकरा मूल या अकरकरा-फूल को मुंह में रखकर चूसने का भी एक प्राचीन प्रयोग है जो कंठ स्वर को सुरीला बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद गुणकारी तत्व कंठ की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं और शब्दों को स्पष्ट रूप से उच्चारित करने में सहायक हो सकते हैं।

हालांकि, यह अहम है कि इसे सुरक्षित और सावधानीपूर्वक ही उपयोग किया जाए, और चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी प्रकार के आयुर्वेदिक उपाय का सेवन न किया जाए।


पेट दर्द में अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How to use Akarkara for stomach ache?

stomach ache

अकरकरा के जड़ का चूर्ण और छोटी पिप्पली का चूर्ण समान मात्रा में लेकर उसमें थोड़ी भुनी हुई सौंफ मिलाकर एक आधा चम्मच या चम्मच चाटने के बाद खाने से पेट संबंधी समस्याएं में राहत मिल सकती हैं।

अकरकरा पेट संबंधी समस्याओं में उपयुक्त औषधि मानी जाती है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लैमेटरी गुणधर्म पेट के दर्द और गैस को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

छोटी पिप्पली, जिसे त्रिकटु भी कहा जाता है, भी पाचन को सुधारने में योगदान कर सकती है और गैस की समस्या से राहत प्रदान कर सकती है। सौंफ का जीरक समाहित होने से आमतौर पर पाचन में सुधार होता है और अपच और गैस की समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।

इस मिश्रण को खाने के बाद या भोजन के समय लेने से यह अच्छे परिणाम दिखा सकता है, क्योंकि यह पाचन को सुधारकर और गैस को बाहर निकालकर पेट दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।


अर्थराइटिस में अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए | How should Akarkara be used in arthritis?

अकरकरा की जड़ का पेस्ट या कल्क, जिसे लोग लेप के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं, उसे आर्थराइटिस के प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से राहत मिल सकती है। इसे लगाने के बाद इसे ठंडे पानी से सिंकाई करने से यह आपकी त्वचा को शीतलता प्रदान कर सकता है और जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।

अकरकरा का काढ़ा या लेप बनाने के लिए, इसकी जड़ को पीस करके उसमें गरम पानी या दूध मिलाएं और इसे जोड़ों की सूजन वाले स्थान पर लगाएं। इसे आधा घंटा या ज्यादा समय तक रहने दें, और फिर इसे ठंडे पानी से सिंकाई करें। यह त्वचा की सूजन को कम करने और दर्द को शांत करने में मदद कर सकता है।

आमवात, लकवा और नसों की कमजोरी के मामले में भी अकरकरा उपयोगी हो सकता है। इसका प्रयोग सही तरीके से और विशेषज्ञ के सुपर्विजन में किया जाए ताकि इससे समस्याएं कम हों और आराम मिले। यह हमेशा बेहतर है कि इसे बिना चिकित्सकीय सलाह के ना करें।


अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए 

इन्द्रिय दुर्बलता – इसका तेल या मूल का रस यौन इन्द्रिय पर मालिश करके पान के पत्ते से दो घंटा बाँधने पर यौन इन्द्रिय मजबूत और पुष्ट होती है।

तंत्रिका संबंधी रोग ( न्यूरोलॉजिकल बीमारियां ) – न्योरोलोजिकल बिमारियो से सम्बन्धित सभी रोगों एवं लकवा आदि के उपचार में इसका उपयोग किया जाता है।

बुखार– गर्म काढ़े को सिर पर लेप करने से सरदी एवं जुकाम दूर होता है। यह पसीना लाकर बुखार भी उतारता है।

मृगी– रुमी मस्तगी एवं अकलकरा के पत्तों के रस को समान तौल में लेकर खरल करें। 5 रत्ती की गोली गाय के धृत के साथ।

दस्त – इसका काढ़ा बलाबल के अनुसार देने पर बच्चों के दाँत निकलने के समय के उपद्रव दस्त आदि दूर होते हैं। सोंठ की बराबर
मात्रा मिलाकर इसकी छाल के चूर्ण की फक्की लेने से अफारा और मदाग्नि मिटती है

दिव्यगुण :

  1. इसके पत्तों का रस, पान के रस के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कंठ सुरीला होता है; इसका प्रयोग गाय के घी के साथ करना चाहिये यानी दवा लेने के दिनों में गाय के घी का सेवन अवश्य करें।
  2. अकलकारा, लौंग, कपूर, सुहागा, जायफल, तज, मालकांगनी, जायपत्री, पारा एवं गन्धक के साथ चूर्ण करके मिलाकर समागम से चार घंटे पूर्व लिंग पर लेप करके दो घंटे बाद धो लें और समागम करें तो रति में देवरास का सुख मिलेगा
  3. इसके चूर्ण से बनायातिल का तेल कफ, खाँसी एवं सर्दी को दूर करता है। (केवल उपरी उपयोग)

अकरकरा का सेवन करने के दुष्परिणाम (Side Effects of Akarkara)

सावधानी :
आवश्यकतानुसार उपयोग करें । कृपया बिना समझे प्रयोग न करें | चिकित्सक से परामर्श के बाद ही इसका प्रयोग करें|


अकरकरा के औषधीय और आयुर्वेदिक गुण अनगिनत हैं। आयुर्वेद में अकरकरा पाउडर और चूर्ण का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है। अकरकरा को सिर दर्द, दांत दर्द, मुँह के बदबू, दांत संबंधी समस्या, हिचकी जैसे बीमारियों के लिए जादू जैसा काम करता है।


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