Benefits of BrijBooti Black Mustard Seed
- Traditionally used for digestion
- Helpful in gas and heaviness
- Used in external applications
- Enhances food flavor
- Provides body warmth
What is BrijBooti Black Mustard Seed
BrijBooti Black Mustard Seed – Indian Rai is pure and natural spice provided only in raw form without any modification or chemical processing. It is offered in its original natural state.
How to Use BrijBooti Black Mustard Seed
- Use for tempering in cooking
- ½ teaspoon with water
- Grind for external paste
Black mustard seeds have been part of Indian traditional cooking for generations. They are associated with supporting digestion and improving appetite. Household remedies have used mustard paste for external comfort of joints and muscles.
This is a traditional spice and not a medical treatment.
काली सरसों के बीज के फायदे
- पारंपरिक रूप से पाचन सुधार में सहायक माना जाता है
- गैस और पेट की भारीपन में उपयोगी
- जोड़ों के बाहरी लेप में सहयोगी
- भोजन का स्वाद बढ़ाने में मददगार
- शरीर में गर्माहट बनाए रखने में सहायक
काली सरसों क्या है
BrijBooti Black Mustard Seed (Indian Rai) शुद्ध और प्राकृतिक सरसों के बीज हैं, जो बिल्कुल रॉ रूप में उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्हें किसी भी प्रकार से मॉडिफाई या केमिकल प्रोसेस नहीं किया गया है। यह जैसी प्रकृति में प्राप्त होते हैं, वैसे ही अपने असली स्वरूप में प्रदान किए जाते हैं।
काली सरसों का इस्तेमाल कैसे करें
- भोजन में तड़के के रूप में प्रयोग करें
- आधा चम्मच पानी के साथ लिया जा सकता है
- बाहरी लेप के लिए पीसकर उपयोग करें
BrijBooti Black Mustard Seed भारतीय रसोई का बहुत महत्वपूर्ण मसाला है। यह पूरी तरह प्राकृतिक रॉ फॉर्म में है, बिना किसी केमिकल बदलाव के। सदियों से राई का उपयोग स्वाद बढ़ाने और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है।
आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार काली सरसों की तासीर गर्म होती है और यह पाचन तंत्र को सहयोग देने में सहायक मानी जाती है। गैस, अपच और पेट की भारीपन में राई का प्रयोग तड़के या सीमित मात्रा में किया जाता रहा है। बाहरी रूप से सरसों का लेप जोड़ों और मांसपेशियों के आराम में भी उपयोगी समझा जाता है।
भारतीय व्यंजनों में राई का तड़का दाल, सब्जी, अचार और चटनी में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए डाला जाता है। सीमित मात्रा में इसका उपयोग शरीर में गर्माहट बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
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