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What is Safed Kaunch

White Kaunch (Mucuna pruriens) is a perennial plant, called Safed Kaunch or Kapikacchu in Hindi. This plant is mainly found in tropical regions and is widely grown in the Indian subcontinent. Its seeds are white in color and it has a special identity due to the seeds. White Kaunch is a creeper, whose leaves are green and flowers are white or purple. An element called levodopa (L-DOPA) is found in the seeds of white Kaunch, which helps in increasing the level of dopamine in the body. Dopamine is an important neurotransmitter, which operates the functions of the brain properly. This plant is used in Ayurveda to treat many types of diseases, such as Parkinson’s disease, arthritis, and sexual impotence. Apart from this, this plant is also helpful in increasing physical energy, improving digestion, and maintaining heart health.

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Benefits of white Kaunch

1. Relief from stress and anxiety

White Kaunch seeds are considered extremely effective in the treatment of stress and anxiety. The naturally present levodopa (L-DOPA) in it increases the level of a neurotransmitter called dopamine in the body, which controls many important functions of the brain. The increase in dopamine creates balance in the brain and improves neuronal communication, which leads to better mental health. During stress and anxiety, the level of dopamine in the brain decreases, causing a person to feel sad, irritable and tired. Consumption of white Kaunch seeds helps in reducing these symptoms. Studies show that high levels of dopamine promote mental peace and positive thinking, making a person feel stress-free.

2. Provides relief from joint pain

White Kaunch, scientifically called Mucuna pruriens, is considered highly effective in the treatment of joint pain and arthritis. Its seeds have natural anti-inflammatory and analgesic properties, which are helpful in reducing joint inflammation and pain. Arthritis is a common problem of inflammation and pain in the joints, in which the body’s immune system attacks its own cells. White Kaunch seeds help reduce these symptoms. The compounds present in it block prostaglandin synthesis, which are the factors of inflammation and pain. Apart from this, levodopa (L-DOPA) found in white Kaunch seeds improves joint mobility by reducing muscle stiffness and pain.

3. Useful in Parkinson’s disease

White Kaunch, known by the scientific name Mucuna pruriens, plays an important role in the treatment of Parkinson’s disease. Parkinson’s disease is a neurodegenerative disorder in which the brain’s dopamine levels are reduced, leading to symptoms such as physical mobility, muscle rigidity, and tremors. Levodopa (L-DOPA) found naturally in white Kaunch seeds helps increase dopamine levels, thereby improving these symptoms. Levodopa plays a major role in the treatment of Parkinson’s disease, as it gets converted into dopamine in the brain. Increasing the amount of dopamine improves neurotransmission and improves the patient’s mobility and physical functioning. Consumption of white Kaunch seeds not only reduces the symptoms but also helps in slowing down the progression of the disease.

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सफ़ेद कौंच क्या है

सफ़ेद कौंच (Mucuna pruriens) एक बारहमासी पौधा है, जिसे हिंदी में सफ़ेद कौंच या कपिकच्छु कहा जाता है। यह पौधा मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है और भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक रूप से उगाया जाता है। इसके बीजों का रंग सफ़ेद होता है और यह बीजों के कारण ही विशेष पहचान रखता है। सफ़ेद कौंच एक लता है, जिसके पत्ते हरे और फूल सफ़ेद या बैंगनी रंग के होते हैं। सफ़ेद कौंच के बीजों में लेवोडोपा (L-DOPA) नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर में डोपामिन का स्तर बढ़ाने में मदद करता है। डोपामिन एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है, जो मस्तिष्क के कार्यों को सही ढंग से संचालित करता है। इस पौधे का उपयोग आयुर्वेद में कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता है, जैसे कि पार्किंसन रोग, गठिया, और यौन दुर्बलता। इसके अलावा, यह पौधा शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाने, पाचन को सुधारने, और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक है।

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सफ़ेद कौंच के फायदे

1. तनाव और चिंता में राहत

सफ़ेद कौंच के बीज तनाव और चिंता के उपचार में बेहद प्रभावी माने जाते हैं। इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद लेवोडोपा (L-DOPA) शरीर में डोपामिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्तर बढ़ाता है, जो मस्तिष्क के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है। डोपामिन की वृद्धि से मस्तिष्क में संतुलन बनता है और न्यूरोनल संचार में सुधार होता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। तनाव और चिंता के दौरान मस्तिष्क में डोपामिन का स्तर घटता है, जिससे व्यक्ति उदासी, चिड़चिड़ापन और थकान महसूस करता है। सफ़ेद कौंच के बीजों का सेवन इन लक्षणों को कम करने में मदद करता है। अध्ययन बताते हैं कि डोपामिन का उच्च स्तर मानसिक शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है, जिससे व्यक्ति तनावमुक्त महसूस करता है।

2. जोड़ों के दर्द से दिलाए आराम

सफ़ेद कौंच, जिसे वैज्ञानिक रूप से म्यूकुना प्रुरीयन्स (Mucuna pruriens) कहा जाता है, जोड़ों के दर्द और गठिया के उपचार में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है। इसके बीजों में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजनरोधी) और एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) गुण होते हैं, जो जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। गठिया, जोड़ों में सूजन और दर्द की एक आम समस्या है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करती है। सफ़ेद कौंच के बीज इन लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद यौगिक प्रोस्टाग्लैंडिन सिंथेसिस को अवरुद्ध करते हैं, जो सूजन और दर्द के कारक होते हैं। इसके अलावा, सफ़ेद कौंच के बीजों में पाया जाने वाला लेवोडोपा (L-DOPA) मांसपेशियों की कठोरता और दर्द को कम करके जोड़ों की गतिशीलता में सुधार करता है।

3. पार्किंसन रोग में उपयोगी

सफ़ेद कौंच, जिसे वैज्ञानिक नाम म्यूकुना प्रुरीयन्स (Mucuna pruriens) से जाना जाता है, पार्किंसन रोग के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पार्किंसन रोग एक न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है जिसमें मस्तिष्क के डोपामिन का स्तर कम हो जाता है, जिससे शारीरिक गतिशीलता, मांसपेशियों की कठोरता, और कंपन जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। सफ़ेद कौंच के बीजों में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला लेवोडोपा (L-DOPA) डोपामिन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है, जिससे इन लक्षणों में सुधार आता है। लेवोडोपा पार्किंसन रोग के उपचार में प्रमुख भूमिका निभाता है, क्योंकि यह मस्तिष्क में जाकर डोपामिन में परिवर्तित हो जाता है। डोपामिन की मात्रा बढ़ने से न्यूरोट्रांसमिशन में सुधार होता है और रोगी की गतिशीलता और शारीरिक कार्यक्षमता में सुधार होता है। सफ़ेद कौंच के बीजों का सेवन न केवल लक्षणों को कम करता है, बल्कि रोग की प्रगति को धीमा करने में भी सहायक होता है।

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Weight 250 g
Dimensions 19 × 11.4 × 5.7 cm

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