Benefits of BrijBooti Tukh Malanga
- Traditionally used for cooling effect
- Helpful in constipation
- Maintains body hydration
- Useful in summer discomfort
- Supports weight balance
What is BrijBooti Tukh Malanga
BrijBooti Tukh Malanga – Basil Seeds are pure and natural seeds provided only in raw form without any modification or chemical processing. They are offered in their original natural state.
How to Use BrijBooti Tukh Malanga
- Soak 1 teaspoon in water and consume
- Mix with drink, milk or curd
- Use in moderate quantity
Tukh Malanga has been part of traditional diets for many years. The soaked seeds form a gel-like texture which is associated with digestive comfort and cooling the body. Household remedies have used these seeds especially during summers for hydration and stomach ease.
This is a traditional food ingredient and not a medical treatment.
तुखमलंगा के फायदे
- पारंपरिक रूप से पेट को ठंडक देने में सहायक माना जाता है
- कब्ज और अपच में उपयोगी
- शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मददगार
- गर्मी के मौसम में राहत देने में सहयोगी
- वजन संतुलन में सहायक समझा जाता है
तुखमलंगा क्या है
BrijBooti Tukh Malanga (Basil Seeds / Balanga Seeds) शुद्ध और प्राकृतिक बीज हैं, जो बिल्कुल रॉ रूप में उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्हें किसी भी प्रकार से मॉडिफाई या केमिकल प्रोसेस नहीं किया गया है। यह जैसे प्रकृति में प्राप्त होते हैं, वैसे ही अपने असली स्वरूप में प्रदान किए जाते हैं।
तुखमलंगा का इस्तेमाल कैसे करें
- 1 चम्मच बीज पानी में भिगोकर लें
- शरबत, दूध या दही में मिलाकर उपयोग करें
- गर्मी के मौसम में रोज सीमित मात्रा में लें
BrijBooti Tukh Malanga भारतीय घरेलू नुस्खों में बहुत लोकप्रिय प्राकृतिक बीज माने जाते हैं। यह पूरी तरह प्राकृतिक रॉ फॉर्म में हैं, बिना किसी केमिकल बदलाव के। सदियों से तुख मलंगा का उपयोग पेट की ठंडक, कब्ज और शरीर में नमी बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पानी में भिगोने पर ये बीज जेल जैसे हो जाते हैं, जो आंतों को आराम देने और मल त्याग को सहज बनाने में सहायक समझे जाते हैं। गर्मी के मौसम में तुख मलंगा का शरबत शरीर को ठंडक देने और लू से बचाव में उपयोगी माना जाता है।
इन्हें दूध, दही, नींबू पानी या शरबत में मिलाकर लेने की परंपरा बहुत प्रचलित रही है। सीमित मात्रा में इसका उपयोग पाचन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए लाभकारी समझा जाता है।
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