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What is Chirayata ?

Chirayata is a medicinal plant found in high altitude areas. Its botanical name is ‘Swertia chiraita’. This plant is 2 to 4 feet high and has a lifespan of one to two years. The leaves and bark of chiraita are extremely bitter and are considered important in Ayurvedic medicine as a febrifuge and blood purifier.

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Benefits of Chirayata

1. Benefits of Chirayata for Liver
Chiraita is considered extremely beneficial for liver health. It is a natural herb that helps in increasing the functionality of the liver and protecting it from various disorders. Due to the bitter taste of chiraita, it stimulates bile secretion, which helps in cleansing the liver. It helps in flushing out the toxins present in the liver, thereby cleansing the liver and improving its functionality.

2. Chirayata for fever, cough and cold

Chirayata has been used since ancient times in the treatment of fever, cough and cold. It has antipyretic (fever reducing) and anti-inflammatory (inflammation reducing) properties, which provide quick relief to the body from fever. Due to its bitter taste in fever, the body heat is reduced and the temperature becomes normal by sweating. In case of cough and cold, consumption of chiraita helps in thinning the mucus and clearing the respiratory tract. Its antimicrobial properties are helpful in preventing and eliminating infection, thereby curing cough and cold quickly. Apart from this, Chirayata strengthens the immune system, making the body more capable of fighting infections.

3. Chirayata for skin

Chirayata is extremely beneficial for the skin and is widely used in the treatment of various skin problems. Its main property is to purify the blood, which maintains the natural glow of the skin. Chirayata has antioxidant and antibacterial properties, which protect the skin from bacteria and other harmful elements. Chirayata is extremely effective in the treatment of acne, pimples and other skin infections. Its regular consumption clears the skin pores and reduces inflammation and redness on the skin. Making a paste of Chirayata and applying it on the affected area is also beneficial. It helps in reducing skin irritation, itching and rashes. Apart from this, Chirayata is also used in the treatment of serious skin problems like eczema and psoriasis.

4. Benefits of Chirayata in case of stomach worms

Chirayata is an effective natural remedy for the problem of stomach worms (parasites). The antiparasitic properties present in it help in killing stomach worms and preventing their growth. Stomach worms are a common problem especially in children, causing loss of appetite, stomach pain, and digestive problems. The use of Chirayata proves to be extremely beneficial in the prevention of this problem. To make the decoction of Chirayata, its dry herbs are boiled in water. Giving this decoction to children and adults twice a day kills stomach worms and keeps the stomach clean. Its regular consumption not only provides relief from stomach worms, but also provides relief from other stomach problems, such as gas, constipation and indigestion.

5. Chirayata for Immunity

Consumption of Chirayata is extremely beneficial in increasing immunity. It has natural antioxidant properties that protect the body from damage caused by free radicals. Free radicals damage the cells of the body and weaken the immunity. Consumption of Chirayata helps in neutralizing these free radicals, thereby strengthening the immune system of the body. The antimicrobial and antiviral properties present in Chirayata are also helpful in increasing immunity. It helps protect the body from bacteria, viruses and other harmful microorganisms, reducing the risk of infection. Consumption of Chirayata is very effective in preventing cold, cough, flu and other seasonal diseases.

6. Helpful in purifying blood

Chirayata plays an important role in purifying blood. The antioxidant properties present in it purify the blood by removing toxins from the body. With its use, the absorbed substances present in the blood are expelled and blood circulation is increased. It prevents the infection of toxins and helps in keeping the body healthy. Regular consumption of Chirayata helps in increasing blood purification and is helpful in controlling the stored temperature. Apart from this, it increases the flow of oxygen in the blood, which ensures adequate oxygen supply to the body parts and their health.

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चिरायता क्या है?

चिरायता एक औषधीय पौधा है जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। इसका वानस्पतिक नाम ‘स्वर्टिया चिरायता’ है। यह पौधा 2 से 4 फुट ऊँचा होता है और इसका जीवनकाल एक से दो वर्ष का होता है। चिरायता की पत्तियाँ और छाल अत्यंत कड़वी होती हैं और इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में ज्वर-नाशक और रक्तशोधक के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है।

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चिरायता के फायदे

1. लीवर के लिए चिरायता के फायदे
चिरायता लीवर के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह एक प्राकृतिक हर्ब है जो लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उसे विभिन्न विकारों से बचाने में मदद करता है। चिरायता के कड़वे स्वाद के कारण यह पित्त स्राव को उत्तेजित करता है, जिससे लीवर को साफ करने में सहायता मिलती है। यह लीवर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे लीवर की सफाई होती है और उसकी कार्यक्षमता में सुधार आता है।

2. बुखार, खांसी और जुकाम के लिए चिरायता

चिरायता का उपयोग प्राचीन समय से बुखार, खांसी और जुकाम के उपचार में किया जाता रहा है। इसके अंदर एंटीपायरेटिक (बुखार कम करने वाले) और एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण होते हैं, जो शरीर को बुखार से जल्दी राहत दिलाते हैं। बुखार में इसके कड़वे स्वाद के कारण शरीर की गर्मी कम होती है और पसीना आकर तापमान सामान्य हो जाता है। खांसी और जुकाम के मामले में, चिरायता का सेवन बलगम को पतला करने और श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद करता है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण संक्रमण को रोकने और खत्म करने में सहायक होते हैं, जिससे खांसी और जुकाम जल्दी ठीक होते हैं। इसके अलावा, चिरायता प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने में अधिक सक्षम हो जाता है।

3. त्वचा के लिए चिरायता

चिरायता त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी होता है और इसे विभिन्न त्वचा समस्याओं के उपचार में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य गुण रक्त को शुद्ध करना है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक चमक बनी रहती है। चिरायता में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्वों से बचाते हैं। मुंहासे, फुंसियाँ और अन्य त्वचा संक्रमणों के उपचार में चिरायता अत्यंत प्रभावी है। इसके नियमित सेवन से त्वचा के रोमछिद्र साफ होते हैं और त्वचा पर होने वाली सूजन और लालिमा कम होती है। चिरायता का पेस्ट बनाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से भी लाभ मिलता है। यह त्वचा की जलन, खुजली और रैशेस को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, चिरायता का उपयोग एक्जिमा और सोरायसिस जैसी गंभीर त्वचा समस्याओं के इलाज में भी किया जाता है।

4. पेट में कीड़े होने पर चिरायता से लाभ
चिरायता पेट में कीड़े (पैरासाइट्स) की समस्या के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। इसमें मौजूद एंटीपैरासिटिक गुण पेट के कीड़ों को मारने और उनकी वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं। विशेष रूप से बच्चों में पेट के कीड़े एक आम समस्या होती है, जिससे भूख न लगना, पेट दर्द, और पाचन समस्याएं होती हैं। चिरायता का उपयोग इस समस्या के निवारण में अत्यंत लाभकारी साबित होता है। चिरायता का काढ़ा बनाने के लिए इसकी सूखी जड़ी-बूटियों को पानी में उबालकर तैयार किया जाता है। यह काढ़ा बच्चों और वयस्कों को दिन में दो बार पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और पेट साफ रहता है। इसके नियमित सेवन से न केवल पेट के कीड़ों से मुक्ति मिलती है, बल्कि पेट की अन्य समस्याओं, जैसे गैस, कब्ज और अपच में भी राहत मिलती है।

5. इम्यूनिटी के लिए चिरायता

चिरायता का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। मुक्त कण शरीर की कोशिकाओं को क्षति पहुँचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं। चिरायता का सेवन इन मुक्त कणों को निष्क्रिय करने में मदद करता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। चिरायता में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीवायरल गुण भी इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक होते हैं। यह शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों से बचाने में मदद करता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। विशेषकर सर्दी, खांसी, जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव में चिरायता का सेवन अत्यंत प्रभावी है।

6 . खून साफ करने में मददगार

चिरायता खून को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर के विषैले पदार्थों को हटाकर रक्त को शुद्ध करते हैं। इसके उपयोग से रक्त में मौजूद अवशोषित पदार्थों को निष्कासित किया जाता है और खून का परिसंचरण बढ़ाया जाता है। यह विषैले पदार्थों के संक्रमण को रोकता है और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। चिरायता का नियमित सेवन खून की सफाई को बढ़ाने में मदद करता है और संग्रहित तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसके अलावा, यह रक्त में ओक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे शरीर के अंगों को पर्याप्त मात्रा में ओक्सीजन पहुंचता है और उनका स्वस्थ रहना सुनिश्चित होता है।

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