Benefits of BrijBooti Javitri Whole
- Traditionally used for digestion
- Helpful in gas and indigestion
- Reduces bad breath
- Soothes mild cough and cold
- Enhances food flavor
What is BrijBooti Javitri Whole
BrijBooti Javitri – Mace Whole is pure and natural spice provided only in raw form without any modification or chemical processing. It is offered in its original natural state.
How to Use BrijBooti Javitri Whole
- Add 1–2 petals in tea or decoction
- Use in cooking and sweets
- Light roast and make powder
Javitri has been part of Indian traditional culinary practices for many years. It is associated with supporting digestion, throat comfort, and improving appetite. The pleasant aroma makes it a valued ingredient in festive and daily cooking.
This is a traditional spice and not a medical treatment.
जावित्री साबुत के फायदे
- पारंपरिक रूप से पाचन सुधार में सहायक माना जाता है
- गैस और अपच में उपयोगी
- मुँह की दुर्गंध कम करने में मददगार
- सर्दी–खांसी में आरामदायक
- भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने में सहायक
जावित्री साबुत क्या है
BrijBooti Javitri (Mace / Japatri) जायफल के ऊपर की प्राकृतिक परत है, जो बिल्कुल रॉ रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इस मसाले को किसी भी प्रकार से मॉडिफाई या केमिकल प्रोसेस नहीं किया गया है। यह जैसी प्रकृति में प्राप्त होती है, वैसी ही अपने असली स्वरूप में प्रदान की जाती है।
जावित्री साबुत का इस्तेमाल कैसे करें
- 1–2 पंखुड़ी चाय या काढ़े में डालकर लें
- भोजन और मिठाइयों में मसाले के रूप में प्रयोग करें
- हल्का भूनकर पाउडर बनाकर उपयोग करें
BrijBooti Javitri भारतीय रसोई और पारंपरिक नुस्खों में बहुत महत्वपूर्ण मसाला माना जाता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक रॉ फॉर्म में है, बिना किसी केमिकल बदलाव के। सदियों से जावित्री का उपयोग पाचन, सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है।
आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार जावित्री की तासीर गर्म होती है और यह पाचन तंत्र को सहयोग देने में सहायक मानी जाती है। गैस, पेट की भारीपन और अपच जैसी स्थितियों में इसका उपयोग घरेलू उपाय के रूप में किया जाता रहा है। सर्दी, खांसी और गले की हल्की परेशानी में भी जावित्री आरामदायक समझी जाती है।
इसकी तेज और मीठी सुगंध के कारण इसे बिरयानी, खीर, मिठाइयों और कई विशेष व्यंजनों में डाला जाता है। सीमित मात्रा में उपयोग से यह मुँह की ताजगी बनाए रखने में भी मददगार माना जाता है।
Reviews
There are no reviews yet.